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भोपाल पुलिस की टीम जब कंपनी के बताए हुए एड्रेस पर पहुंची तो घर के मकान मालिक ने बताया कि यहां पर फिरोज और आयोनियल मिउ नाम के 2 लोग रहते थे. उन्होंने कुछ दिन पहले ही घर छोड़ा है. इस के बाद पुलिस उस घर की तलाशी में जुटी तो तलाशी के दौरान टीम के एक सदस्य की नजर घर के दरवाजे के पीछे रखे एक डस्टबिन पर गई.

सबूत की उम्मीद में डस्टबिन को पलटा तो उस में एक फूड डिलीवरी की परची मिली. उस परची पर एक मोबाइल नंबर लिखा हुआ था. पुलिस जांच में सामने आया कि वह मोबाइल नंबर फिरोज नाम के शख्स का ही दूसरा नंबर था, जिस की लोकेशन उस समय मुंबई की थी.

टीम ने कुछ दिन दिल्ली में रुक कर दोनों की और जानकारी खंगालनी शुरू कर दी. मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर लगाया तो 2-3 दिन बाद फिरोज का लोकेशन अलर्ट मिला. वह मुंबई से दिल्ली आ चुका था. वह दिल्ली के पहाडग़ंज के किसी होटल में ठहरा हुआ था.

भोपाल पुलिस की टीम सक्रिय हुई और सीधे उस होटल में दबिश दी. पुलिस टीम को होटल में 2 लोग मिले, जब उन से पूछताछ की तो एक ने अपना नाम फिरोज दूसरे ने अपना नाम आयोनियल मिउ बताया. आयोनियल रोमानिया का रहने वाला था.

पता चला कि फिरोज दिल्ली में किसी लडक़ी से मिलने आया था और आयोनियल भी उस के साथ ठहरा हुआ था. ठगी के दोनों आरोपियों को पुलिस 18 अगस्त, 2023 को दिल्ली से भोपाल ले कर आई और उन से सख्ती से पूछताछ की तो बैंक खातों से ठगी के एक नए तरीके की कहानी सामने आई.

जालसाजों ने भोपाल में इस तरह से बैंक औफ बड़ौदा के 75 खाताधारकों के एटीएम की स्कीमिंग कर दिल्ली के 9 एटीएम बूथों से करीब 16-17 लाख रुपए निकाले. जालसाज लगातार रोमानिया के कई लोगों से संपर्क में था. उस ने एटीएम कार्ड बनाने की विधि औनलाइन सीखी. वह पहले रोमानिया और यूरोपीय देशों में सक्रिय साइबर फ्रौड करने वाले गिरोह के साथ काम करता था.

रोमानिया से भारत आया था जालसाज

पुलिस पूछताछ में 50 साल के आयोनियल ने कुबूल किया कि वह 2015 में टूरिस्ट वीजा पर भारत घूमने आया था. उसे भारत में उपयोग हो रहे एटीएम और उस की पुरानी तकनीक की पूरी जानकारी थी. उस ने बाकायदा इस पर एक स्टडी की हुई थी. वह रोमानिया से सब से पहले मुंबई पहुंचा था. आयोनियल मिउ की मुलाकात जब फिरोज से हुई थी, उस ने टूटीफूटी हिंदी में फिरोज से कहा, ‘‘मुझे रहने के लिए रूम चाहिए.’’

‘‘मैं आप के लिए अपने घर का रूम रेंट पर देने को तैयार हूं.’’ फिरोज ने उसे समझाते हुए कहा.

फिरोज ने यह सोच कर रूम किराए पर दे दिया कि विदेशी नागरिक से अच्छाखासा किराया वसूल कर लेगा. उस ने फिरोज का घर किराए पर लिया था. फिरोज को तब आयोनियल के मंसूबों के बारे में कुछ भी पता नहीं था.

आयोनियल को हिंदी और अंगरेजी ठीक से नहीं आती थी. उसे अपने फ्रौड के काम के लिए भारत में किसी ऐसे व्यक्ति की जरूरत थी, जो उस के लिए सारी व्यवस्थाएं आसानी से कर दे. उस ने इस के लिए फिरोज को राजी किया. फिरोज के पास उस समय कोई काम नहीं था, तब आयोनियल मिउ ने उसे समझाया, ‘‘मेरे काम में सहयोग करो तो तुम्हें मैं रातोंरात अमीर बना दूंगा.’’

फिरोज के राजी हो जाने के बाद उस ने फिरोज को अपना पूरा प्लान टूटीफूटी भाषा में समझाया. जल्दी अमीर बनने के चक्कर में फिरोज उस का हर तरह से साथ देने को तैयार हो गया था. सब से पहले दोनों ने मुंबई में फ्रौड की शुरुआत की, लेकिन कुछ महीनों के बाद आयोनियल को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार कर उस का पासपोर्ट जब्त कर लिया.

बिना पासपोर्ट के वह रोमानिया नहीं जा सका. उसे पैसों की जरूरत थी. वह दूसरा कोई काम भी नहीं जानता था, इस के बाद उस ने फिरोज के साथ मिल कर फुलप्रूफ प्लान बनाया. फिरोज उस के लिए गाड़ी, होटल से ले कर और तमाम व्यवस्थाएं जुटाता था.

फिरोज का काम एटीएम बूथों में डिवाइस लगाने, उन्हें निकालने, पैसे निकालने, मकान बुक करने, कार व आटो बुक करने, बाजार से सामान लाने का था. आयोनियल मिउ किसी से फोन पर ज्यादा बात नहीं करता था, वह सिर्फ फिरोज से ही बात करता है, बाकी किसी से संपर्क नहीं रखता, ताकि वह कौन है और क्या करता है, किसी को पता न चल सके.

आयोनियल मिउ रैकी कर टारगेट तय करता था. क्लोनिंग से प्राप्त डाटा को मशीन और लैपटाप के जरिए मिलान करना और मशीन के जरिए नया एटीएम कार्ड बनाने का काम करता था. कई बार वह एटीएम बूथ में जा कर पैसे निकालने का काम भी खुद करता था.

साल 2015 में रोमानिया से भारत आ कर वह दिल्ली में रुका. 2015 में ठाणे के पैठ बाजार थाना क्षेत्र में उस ने इसी तरह की धोखाधड़ी की और गिरफ्तार हो गया. इस के बाद उस ने 2017 में मुंबई में धोखाधड़ी की और फिर पकड़ा गया. गिरफ्तारी के बाद उस का पासपोर्ट जब्त हो जाने के कारण वह अब अवैध रूप से भारत में रह रहा था.

फिलहाल वह दोनों मामलों में जमानत पर है. 2018 में उस का परिवार भारत मिलने आया था. वह नाइजीरिया के कई लोगों से लगातार फोन से संपर्क में रहता था.

बैंक औफ बड़ौदा के एटीएम में फिट किए स्कीमर डिवाइस

मई 2023 में फिरोज और आयोनियल दोनों भोपाल आए, मुंबई निवासी फिरोज अहमद ने अपने पहचान पत्र से भोपाल के डोरा क्षेत्र में औनलाइन एक मकान किराए पर लिया, जिस में दोनों जालसाज करीब एक महीने तक ठहरे थे.

दोनों ने भोपाल में रेकी कर बैंक औफ बड़ौदा के पुराने तकनीक वाले 3 एटीएम बूथों को पहचान कर उन में एटीएम क्लोनिंग मशीन लगाई और मशीन के ऊपर हाई रिजोल्यूशन  कैमरे लगाए. वह एटीएम में सुबह आटो से जाते और क्लोनिंग मशीन और कैमरे लगा कर चले आते थे. शाम को जा कर उपकरण निकाल लाते थे. इस की मदद से लोगों के एटीएम की डिटेल्स और पासवर्ड पता किए.

इस के बाद दोनों 25 जून को इंदौर पहुंचे और यही काम यहां के 2 एटीएम के साथ किया. 3 और 4 जुलाई के दौरान दोनों दिल्ली पहुंचे और वहां कुछ एटीएम कार्ड के क्लोन तैयार किए. इस के बाद 10 जुलाई के बाद दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित एटीएम से पैसे निकाल लिए.

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