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जब दोनों पुलिस अधिकारियों ने उस के कोतवाली में आने का कारण पूछा, तब उस ने हिम्मत कर रीना के घर से लापता होने की आशंका जताई.

‘‘तुम कौन हो? रीना कौन है?’’ कोतवाल बिष्ट ने पूछा.

‘‘जी, मेरा नाम मोनू चौधरी है और रीना मेरी प्रेमिका अपने घर से लापता हो गई है,’’ मोनू बोला.

‘‘प्रेमिका? तुम को कैसे पता कि वह लापता है? …और वैसे भी तुम होते कौन हो उस के बारे में पता करने वाले?’’ एसएसआई अंकुर शर्मा बोले.

‘‘जी, वह मेरी प्रेमिका है. हम लोग शादी करने वाले हैं, लेकिन उस के घर वाले राजी नहीं हैं. हम एक ही बिरादरी के हैं और हमारा गोत्र एक ही है. इस कारण वे मान नहीं रहे हैं. मुझे डर है कि मेरी प्रेमिका को घर वालों ने कहीं गायब कर दिया है. उस का फोन 3 दिनों से बंद मिल रहा है. लीजिए आप भी इस नंबर पर मिला कर देख लीजिए.’’ मोनू ने मिन्नत की और मोबाइल नंबर लिखी परची कोतवाल साहब के सामने बढ़ा दी.

कोतवाली पुलिस के सामने यह अनोखा मामला था कि एक प्रेमी अपनी प्रेमिका के लापता होने की शिकायत लिखवाने आया था, जबकि जिस के बारे में वह बता रहा था, उस के मातापिता या दूसरे घर वालों की तरफ से कोई शिकायत नहीं मिली थी.

कौन सही और कौन गलत होता है, इस की तहकीकात के लिए पहले रीना के फोन नंबर पर कोतवाल यशपाल सिंह बिष्ट ने काल की. फोन स्विच्ड औफ मिला. उस के बाद मोनू ने रीना के भाई रवि का फोन नंबर दिया. साथ ही बताया कि वही उस की और रीना की शादी का सब से अधिक विरोध करता था.

पुलिस ने उस नंबर पर भी काल की. बात होने लगी. कोतवाल ने पूछा कि क्या उस के परिवार की सदस्य रीना घर में है? वह उस से बात करना चाहता है.

दूसरी तरफ से गुस्से से भरी आवाज आई, ‘‘तुम कौन बोल रहे हो? रीना किसी से बात नहीं करना चाहती है.’’

‘‘मैं मोनू का दोस्त बोल रहा हूं. बहुत अर्जेंट है रीना से बात करना.’’ कोतवाल साहब ने अपनी पहचान छिपा कर कहा.

‘‘बहुत अर्जेंट है तो बोल दे मोनू को भी कि वह दोबारा फोन न करे, नहीं तो उसे भी वहीं भेज दूंगा जहां…’’ रीना का भाई पहले से और अधिक तीखी आवाज में बोलने लगा.

लेकिन कोतवाल यशपाल सिंह बिष्ट बीच में ही बोल पड़े, ‘‘भेज दूंगा… मतलब! रीना कहीं गई है क्या? बता दो न प्लीज, कहां गई है. मेरा दोस्त उसे याद कर बेहाल हो चुका है. ठीक से खाना भी नहीं खा रहा है.’’

‘‘खाना नहीं खा रहा है तब मैं क्या करूं? चल फोन रख.’’ इसी के साथ उस ने फोन कट कर दिया.

उस के बाद मोनू ने कोतवाल साहब का फोन ले कर दोबारा काल की, लेकिन इस बार उस ने स्पीकर औन कर रिकौर्डिंग का स्विच भी औन कर दिया. काल रिसीव करते ही रीना का भाई गालियां बकते हुए बोलने लगा, ‘‘हरामजादे, सुअर की औलाद! अबे चूतिया है क्या, जो मुझे सुबहसुबह तंग कर रहा है!’’

‘‘अरे रवि, मैं मोनू बोल रहा हूं.’’

‘‘अबे हरामजादे! तेरी बहन की… तू फोन बदलबदल कर काल करता है. लगता है तुझे भी वहीं भेजना पड़ेगा, जहां रीना को भेजा है.’’ गुस्से में रवि बोला.

‘‘कहां भेजा है उसे, बताओ तो मैं खुद चला जाता हूं.’’ मोनू ने विनती की.

‘‘तू वहां अकेले नहीं जा सकता. …और मेरे सिवाय और कोई भेज भी नहीं सकता.’’ रवि और भी गुस्से के तेवर के साथ बोला.

‘‘अबे तू नहीं जानता तेरी किस से बात हो रही है. तुम ने जो भी बका है, वह रिकौर्ड भी हो गया है. मैं लक्सर कोतवाली से बात कर रहा हूं. तूने अपनी बहन को कहां गायब कर दिया है, सचसच बता दे, वरना पुलिस को तलाश करना अच्छी तरह आता है.’’ मोनू भी उसी के लहजे में डांटते हुए बोला.

उस के बाद तुरंत कोतवाल बिष्ट ने भी रवि को डांट दिया और रीना के बारे में सहीसही जानकारी मांगी.

पुलिस और लक्सर कोतवाली सुनते ही रवि डर गया. हकलाता हुआ बोलने लगा, ‘‘जी, जी वह मोनू के साथ ही घर से 4-5 दिन पहले भाग गई थी, उस का पता नहीं है.’’

‘‘तो तुम ने अभी तक थाने में उस के लापता होने की शिकायत क्यों नहीं दर्ज करवाई?’’

इस का उस ने कोई जवाब नहीं दिया और फोन कट कर दिया. लक्सर पुलिस के सामने यह मामला कुछ अलग तरह का था. पुलिस रवि से बातें कर के यह समझ गई थी रीना खतरे में हो सकती है. इसलिए उस का पता लगाया जाना चाहिए.

मोनू से बात कर कोतवाल यशपाल सिंह बिष्ट ने रीना और रवि के बारे में कुछ और जानकारी जुटाई. मोनू रीना से कोर्टमैरिज करने के इंतजार में था. उस ने लक्सर पुलिस से रीना के बारे में पता लगाने की विनती की.

मोनू की बातें गौर से सुनने के बाद कोतवाल बिष्ट ने रीना की घर में मौजूदगी के बारे में मालूम करने के लिए चेतक पुलिस को तत्काल रीना के घर भेजा. जब पुलिस ने रीना के घर जा कर रीना के बारे में जानकारी की. रीना घर पर नहीं मिली. पुलिस ने रीना के घर वालों से उस के बारे में पूछताछ की तो उन से रीना के बारे में संतोषजनक जवाब नहीं मिला.

चेतक पुलिस ने वापस कोतवाली पहुंच कर यह जानकारी कोतवाल यशपाल सिंह बिष्ट को दी. मामला चूंकि नाबालिग लड़की के लापता होने का था, इसलिए बिष्ट ने इस मामले में एसपी (देहात) प्रमेंद्र डोवाल को सूचित कर दिया. उन के कहने पर बिष्ट ने रीना के लापता होने की शिकायत दर्ज कर ली.

शिकायत मोनू चौहान की ओर से भादंवि की धारा 365 के अंतर्गत 9 अगस्त, 2022 को दर्ज की गई. इस की जांच एसएसआई अंकुर शर्मा को सौंप दी गई.

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