Hindi Story : रेलवे के एक सीनियर अफसर की बेटी दीपा राष्ट्रीय स्तर की निशानेबाज थी. लेकिन लौकडाउन में उस ने भूतप्रेतों की कहानियों पर आधारित अंग्रेजी उपन्यास पढ़े. इन सब का उस पर ऐसा प्रभाव पड़ा कि उस का कैरियर तो दांव पर लग ही गया साथ में मां और भाई को भी जान गंवानी पड़ी.
रेलवे विभाग में वरिष्ठ अधिकारी आर.डी. बाजपेई की तैनाती दिल्ली में थी. वह केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल के सूचना अफसर के रूप में तैनात थे. जबकि उन का परिवार लखनऊ में रह रहा था. परिवार में उन की पत्नी मालिनी, बेटा सर्वदत्त और बेटी दीपा थी. उन की सरकारी कोठी प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवास से करीब 30 मीटर दूर थी. 29 अगस्त, 2020 की बात है. 15 वर्षीय दीपा ने घबराई सी आवाज में अपनी नानी को फोन किया, ‘‘नानी जल्दी से एंबुलैंस ले कर आ जाओ, मां और भाई को चोट लगी है.’’ नानी का घर दीपा के घर से केवल 5 किलोमीटर दूर लखनऊ के गोमतीनगर में था.
दीपा की घबराई आवाज में यह सूचना पाते ही नानी चिंतित हो गईं. वह उसी समय पति विजय मिश्रा के साथ चल पड़ीं. करीब 10 मिनट में वह विवेकानंद मार्ग स्थित कोठी नंबर 9 पर पहुंच गईं. वहां की हालत देख कर दोनों अवाक रह गए. कमरे में उन की 45 साल की बेटी मालिनी और 17 साल का नाती सर्वदत्त बैड पर खून में लथपथ पडे़ थे. दोनों की गोली मार कर हत्या की गई थी. सर्वदत्त को सिर पर गोली लगी थी, मालिनी को भी सिर के पास गोली लगी थी. वह करवट लेटी थीं. दीपा घबराई हुई थी और कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं थी.