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28 फरवरी, 2023 को रात के कोई साढ़े 9 बजे का वक्त रहा होगा. उस वक्त उत्तर प्रदेश के शहर रामपुर कोतवाल गजेंद्र त्यागी सहकर्मियों के साथ व्यस्त थे. उसी वक्त एक औरत कोतवाल के सामने आ कर खड़ी हुई. औरत को देखते ही कोतवाल ने उस से सवाल किया, ‘‘हां, कैसे आना हुआ?’’

“सर, मेरा नाम सीमा है. कल से मेरे पति गायब हैं. मैं ने उन्हें हर जगह तलाशा, लेकिन उन का कोई अतापता नहीं चला.’’ सीमा की बात खत्म होते ही कोतवाल गजेंद्र त्यागी ने फिर से प्रश्न किया, ‘‘आप लोग कहां रहते होï?’’ कोतवाल के पूछने पर सीमा ने बताया कि उस के पति राजीव बिजली विभाग में नौकरी करते हैं. नाहिद टाकीज के नजदीक बिजली घर के पास ही उन का किराए का कमरा है. इस वक्त उन की ड्यूटी स्वार के खोद में चल रही थी. हर रोज की तरह कल वह अपनी ड्यृटी पर निकले थे, लेकिन उस के बाद वह घर वापस नहीं आए.’’

इंसपेक्टर गजेंद्र त्यागी ने सीमा से विस्तार से जानकारी जुटाने के बाद उस की तरफ से एक लिखित तहरीर ले ली. उस के आधार पर पुलिस ने अपनी तहकीकात शुरू की. इंसपेक्टर गजेंद्र त्यागी के नेतृत्व में पुलिस टीम राजीव के कमरे पर गई. वहां पर रह रहे लोगों से जानकारी जुटाई. उस के बाद पुलिस राजीव की ड्यूटी एरिया खोद तक गई. लेकिन वहां से भी राजीव के बारे में कोई खास जानकारी नहीं मिली. पुलिस जानती थी कि ऐसे अधिकांश मामले अवैध संबंधों से जुड़े होते हैं. इसी शंका को ले कर सब से पहले पुलिस ने राजीव कुमार की पत्नी सीमा के मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर लगा दिया.

पुलिस राजीव की तलाश में दिनरात एक किए हुए थी. उस के बावजूद भी सीमा हर वक्त थाने के चक्कर लगाने में लगी थी. पुलिस ने सीमा से कई बार पूछताछ की. अगर किसी से उन की पुरानी रंजिश हो तो वह उन व्यक्तियों के नाम बताए. लेकिन सीमा ने साफ शब्दों में बता दिया कि उन की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी. सीमा की परेशानी को देखते हुए पुलिस की एक टीम आगापुर गांव के अशोक विहार मोहल्ले भी गई. राजीव इसी गांव का रहने वाला था. इसी कारण अधिकांश लोग उस के बारे में ठीक से जानते थे. आगापुर जाने के बाद पुलिस को जानकारी मिली कि राजीव बहुत पहले गांव छोड़ कर रामपुर में नाहिद सिनेमा हाल के पास बिजली घर के पीछे किराए के मकान में रह रहा था.

यह सब जानकारी जुटाने के बाद पुलिस टीम फिर से उस के कमरे पर पहुंची. पुलिस ने वहां पर रह रहे लोगों से पूछताछ की तो पता चला कि राजीव की गैरमौजूदगी में उन के कमरे पर एक युवक आताजाता रहता था. वह युवक कौन था, इस की जानकारी सीमा को ही होगी. यहां से यह जानकारी हासिल कर पुलिस टीम कोतवाली वापस चली आई. लेकिन इस जानकारी के बाद पुलिस एसएचओ के मन में एक गहरा शक जरूर पैदा हो गया था.

सीमा आ गई शक के दायरे में….

इसी शक की तह में जाने के लिए पुलिस ने राजीव के गायब होने वाले दिन से अगले कई दिनों तक सीमा के फोन की डिटेल्स निकाली तो उस दौरान उस के कई नंबरों पर लंबी बात होनी पाई गई. जिस के दौरान एक व्यक्ति ने उस से एक लाख रुपयों की मांग भी की थी. एक लाख रुपए की बात सामने आते ही पुलिस को यकीन हो गया कि राजीव की हत्या की जा चुकी है. इसी शक को मिटाने के लिए पुलिस ने सीमा को फोन कर कोतवाली आने को कहा. इस से पहले सीमा कोतवाली के चक्कर काट रही थी. लेकिन पुलिस के कई बार फोन करने के बाद भी वह कोतवाली नहीं आई. उस के बाद पुलिस का शक और भी गहरा गया. तब पुलिस ने सीमा को उस के घर से पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया.

कोतवाली लाने के बाद उस से सख्ती से पूछताछ की गई तो वह पुलिस के सवालों में उलझ गई. उसी वक्त पुलिस की नजर कोतवाली के प्रांगण में खड़े युवक पर पड़ी, जो सीमा के आने के तुरंत बाद ही कोतवाली आया था. वह राजीव का चचेरा भाई राहुल था. हालांकि राहुल इस से पहले भी सीमा के साथ कई बार कोतवाली आया था. लेकिन इस बार पुलिस उसे पहचान नहीं पाई थी. इस की मुख्य वजह यह थी कि उस ने अपने बाल कटा लिए थे. जबकि इस से पहले वह जब सीमा के साथ कोतवाली आया था तो उस के बड़ेबड़े बाल थे. उसे देख कर पुलिस को लगा कि उस का चचेरा भाई अभी गायब है, फिर इतनी जल्दी में उस ने अपने बाल क्यों कटवाए.

पुलिस ने सीमा को बुला कर पूछताछ की तो सीमा ने बताया कि वह और राहुल आर्टिफिशियल ज्वैलरी बनाने वाली एक कंपनी में एक साथ काम करते हैं. सीमा ने पुलिस को बताया कि राहुल रामपुर की इंद्रा कालोनी में किराए के कमरे में रहता है. यह जानकारी मिलते ही पुलिस ने राहत की सांस ली. पुलिस को जिस युवक की तलाश थी, वह स्वयं पुलिस के जाल बिछाने से पहले ही फंस गया था. उस के बाद पुलिस ने दोनों से अलगअलग पूछताछ की तो दोनों ही टूट गए. उन्होंने बिजलीकर्मी राजीव कुमार की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली.

पूछताछ के बाद राजीव की हत्या की जो कहानी सामने आई, इस प्रकार निकली—

उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में स्थित गांव आगापुर के अशोक विहार मोहल्ले में रहता था रतनलाल का परिवार. रतनलाल के 4 बेटों में राजीव दूसरे नंबर का था. राजीव कुमार बिजली विभाग में लाइनमैन था. राजीव देखनेभालने में खूबसूरत था. लेकिन उस में शुरू से ही शराब पीने की लत थी. राजीव कुमार को ऊपरी आमदनी अच्छीखासी थी, जिस के कारण उस ने शादी के बाद से ही सीमा को खर्च के लिए किसी तरह की परेशानी नहीं आने दी थी. ठीक से पहननाओढऩा सीमा का पहले से ही शौक रहा था. राजीव शुरू से ही दारूबाज रहा था, इस के बावजूद सीमा उसे बहुत ही प्यार करती थी.

कुछ दिनों तक तो उन की गृहस्थी ठीक चली. इस दौरान वह 2 बेटियों की मां बनी. समय के साथ बच्चियां बड़ी हुईं तो उन की परवरिश को ले कर चिंता सताने लगी. सीमा चाहती थी कि बेटियां किसी अच्छे स्कूल में पढ़ेंलिखें, जिस से आगे चल कर वे अपने पैरों पर खड़ी हो सकें. गांव में राजीव अपने परिवार के साथ रहता था, जो सीमा को पसंद नहीं था. लेकिन राजीव के प्यार की खातिर वह सब कुछ झेलती आ रही थी. सीमा राजीव पर शहर में रहने के लिए दबाव बनाने लगी. वैसे तो राजीव भी शहर में ही रहना चाहता था, लेकिन घर वालों की वजह से वह गांव छोड़ कर नहीं जाना चहता था. सीमा ने बारबार उस पर शहर में कमरा लेने का दबाव बनाया तो उसे झुकना ही पड़ा.

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