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राजीव का चचेरा भाई राहुल पहले से ही रामपुर की इंद्रा कालोनी में माला टाकीज के पास किराए का कमरा ले कर रहता था. राजीव ने राहुल से एक कमरा तलाशने को कहा तो राहुल ने जल्दी ही अपने पास राजीव को एक किराए का कमरा दिला दिया. कमरा मिलते ही राजीव बीवीबच्चों को साथ ले कर वहां रहने लगा था. राजीव की ड्यूटी का कोई फिक्स टाइम नहीं था. कभीकभी उसे सारी रात बिजलीघर पर ही रहना पड़ता था. उस के बाद भी दिन में कभी भी उसे ड्ïयूटी पर बुलावा आ जाता था. काम अधिक होने के कारण राजीव अपने परिवार को पूरा समय नहीं दे पाता था. उस की शराब पीने की लत कुछ ज्यादा होती जा रही थी. जिस के कारण मियांबीवी में मनमुटाव रहने लगा था.

पति की उदासीनता से पत्नी हुई बेलगाम…

सीमा ने पति को समझाने की बहुत कोशिश की, लेकिन वह उस की एक भी बात मानने को तैयार न था. राजीव ने अपनी दोनों बेटियों का एक स्कूल में दाखिला करा दिया था. बेटियों को स्कूल भेजने के बाद सीमा कमरे पर अकेली रह जाती थी. तब समय बिताने के लिए वह मोबाइल पर लगी रहती थी.

राहुल पहले से ही शहर में रह कर आर्टिफिशियल ज्वैलरी बनाने का काम कर रहा था. वह अपनी ड्यूटी से अपने कमरे पर आ जाता था. घर पर उस का मन नहीं लगता तो वह सीमा के कमरे पर चला आता था. धीरेधीरे देवरभाभी में अच्छी पटनेलगी. दोनों के बीच आपसी लगाव भी पैदा हो गया था.

उसी दौरान एक दिन बातों ही बातों में राहुल ने सीमा के सामने राजीव की पोल खोलते हुए बताया कि भाभी तुम्हें कुछ पता है. राजीव भैया पर लाखों रुपए का कर्ज है. हर रोज कई लोग उस से उन की शिकायत करते हैं. यह बात सामने आते ही सीमा समझ गई कि राजीव जरूर उस से कुछ छिपाता है. दिन भर में कई लोग राजीव को पूछने आते रहते थे. लेकिन वह समझती थी कि कोई काम कराने के लिए उस के पास लोग आते हैं. यह जानकारी मिलते ही सीमा ने कई बार इस मामले में राजीव से बात करनी चाही, लेकिन वह उसे इतना वक्त ही नहीं देता था.

सीमा जब भी उस से बात करने की कोशिश करती, वह उस की बात को बीच में ही काटते हुए कहता, ‘‘तुझे कितने पैसों की जरूरत है? तुझे जो चाहिए वह बता. मैं पैसे कहां से लाता हूं, क्या करता हूं तुझे इस बात से क्या लेनादेना. अगर मेरे पास कर्ज भी है तो तुझ से कोई नहीं मांगेगा. तू परेशान मत हो.’’

देवर की बाहों में झूलने लगी सीमा…

हालांकि राजीव की ऊपरी आमदनी अच्छी थी. लेकिन शराब की लत से उस की नौकरी पर ही फर्क नहीं पड़ा, बल्कि उस की आमदनी भी बहुत ही कम हो गई थी. अपनी आमदनी का अधिकांश हिस्सा वह शराब पीने में ही खर्च कर देता था. उसी के साथ उस में जुआ खेलने की भी लत लग गई थी. जिस के कारण वह लाखों का कर्जदार हो गया था. हालात इतने बिगड़े कि राजीव को अपनी बेटियों की पढ़ाई भी भारी लगने लगी थी. घर की आर्थिक स्थिति बिगड़ी तो सीमा को ही अपनी बेटियों की पढ़ाई और अपने खर्च के लिए नौकरी करने पर मजबूर होना पड़ा.

राहुल शहर में ही आर्टिफिशियल ज्वैलरी बनाने का काम करता था. सीमा की मजबूरी समझ कर राहुल ने उसे भी अपने यहां ही काम पर लगवा दिया. फिर दोनों देवरभाभी एक साथ काम करने लगे थे. एक साथ काम करने के दौरान ही दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ गईं. उस के बाद उन का अधिकांश समय साथ ही गुजरने लगा. समय गुजरते राजीव कुमार जितना दारू के नशे में डूबता गया, उस से कहीं ज्यादा उस की बीवी राहुल के नजदीक आती गई. राजीव अकसर शराब के नशे में धुत हो कर आता था. उस के बाद थोड़ाबहुत खाना खा कर बेसुध हो कर फैल जाता था, जिस का राहुल को भरपूर लाभ होता था.

सीमा से नजदीकियां बढऩे के बाद राहुल ने अपने कमरे पर खाना बनाना भी छोड़ दिया था. वह जो भी लाता, उसे सीमा ही बनाती और दोनों एक साथ खाना खाते. हालांकि राजीव नशे में धुत रहता था, लेकिन वह पत्नी की हकीकत जान चुका था. उस के बाद वह राहुल से सीधे मुंह बात नहीं करता था. लेकिन राहुल भी कुछ कम नहीं था, वह जब भी उस के घर आता तो राजीव के खानेपीने का इंतजाम कर के ही आता था. जिस के कारण राजीव उसे ज्यादा कुछ नहीं कहता था. फिर दोनों साथ में दारू पीते. राजीव खापी कर जल्दी ही पसर जाता. उस के बाद राहुल सीमा के साथ मौजमस्ती करने में लग जाता था, लेकिन इन दोनों का यह खेल ज्यादा दिनों तक नहीं चल पाया. सीमा राहुल के प्रसंग की पोल खुल गई.

एक दिन राजीव ने राहुल और सीमा को आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ लिया. राहुल तो मौका पा कर वहां से भाग निकला, तब राजीव ने सीमा की अच्छी खबर ली. भद्दीभद्दी गालियां देते हुए उस ने उस की जम कर पिटाई की. पोल खुलते ही राजीव ने वहां से कमरा बदल लिया. उस के बाद राजीव ने नाहिद सिनेमा के नजदीक कमरा ले लिया. राहुल और सीमा अभी भी एक ही साथ काम कर रहे थे. राहुल भले ही सीमा के कमरे पर नहीं जा सकता था, लेकिन वह उस के साथ काम करतेकरते आगे की योजना बनाता रहा. बीचबीच में सीमा मौका देख कर राहुल को अपने कमरे पर बुला लेती थी. इस तरह देवरभाभी का प्यार चलता रहा.

राहुल तेजतर्रार युवक था. वह जानता था कि अगर किसी सरकारी कर्मचारी की रिटायर होने से पहले मृत्यु हो जाती है तो कानून के अनुसार उस की जगह पर उस की पत्नी को नौकरी मिल जाती है. यह बात राहुल ने सीमा के सामने रखते हुए कहा, ‘‘अगर हम किसी तरह से राजीव को अपने रास्ते से हटा दें तो हमारे रास्ते खुद ही खुल जाएंगे. उस के हटते ही उस की नौकरी तुम्हें मिल जाएगी और फिर हम दोनों शादी कर के एक साथ रह सकते हैं.’’

सीमा भी पति की हरकतों से तंग आ चुकी थी. वह राहुल को ही दिलोजान से चाहने लगी थी. नौकरी के लिए पति की हत्या कराने की बात जल्द ही उस के दिमाग में बैठ गई. सीमा ने फौरन हामी भर ली और हर तरह से उस का साथ देने के लिए तैयार हो गई. सीमा ने राहुल से कहा कि इस काम में जितना भी पैसा खर्च होगा, वह खर्च करेगी.

पति को ठिकाने लगाने की हुई प्लानिंग….

सीमा ने देवर राहुल के साथ पति का मर्डर करने की योजना बना ली. राजीव को मौत की नींद सुलाने की योजना बनते ही राहुल ने इस योजना को अमलीजामा पहनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी. उसी दौरान एक दिन राहुल थाना शहजादनगर के गांव अहमदाबाद निवासी अपने दोस्त सतीश से मिला.

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