पहली गोली सुखदेव सिंह गोगामेड़ी (Sukhdev Singh Gogamedi) के सीने पर लगी. वह बचने के लिए उठते, उस से पहले ही गोलियों की बौछार दोनों हमलावरों ने कर दी. सुखदेव का परिचित नवीन बचाव के लिए सुखदेव की तरफ बढ़ा तो उस पर भी गोली चला दी.
नवीन बच कर बाहर भागा, तभी वहां मौजूद सुखदेव के दोस्त अजीत सिंह पर भी गोली चला दी. मात्र 20 सेकेंड में 17 राउंड गोलियां चलाईं. सुखदेव सिंह सोफे से लुढ़क कर नीचे गिर गए. आरोपियों में से एक ने जातेजाते सुखदेव के सिर में भी गोली मारी ताकि वह किसी भी हालत में जिंदा न बचें.
सुरक्षा गार्ड नरेंद्र को जब तक स्थिति का भान हुआ, तब तक आरोपी काम तमाम कर चुके थे. नवीन सिंह ड्राइंगरूम से बाहर निकल कर मकान के आगे जा कर गिर गया और दम तोड़ दिया. अजीत सिंह राजावत पर 7 गोलियां चलाई थीं. वह भी खून से लथपथ हो कर गिर पड़ा.
राजस्थान (Rajasthan) की राजधानी जयपुर (Jaipur) , जिसे गुलाबी नगर के नाम से भी जाना जाता है, के श्यामनगर में राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना (Karni Sena) के राष्ट्रीय अध्यक्ष (National President) सुखदेव सिंह गोगामेड़ी 5 दिसंबर, 2023 को अपने निवास, जोकि कार्यालय भी है, में बैठे थे. उन के साथ उन के खास मित्र अजीत सिंह राजावत (Ajeet Singh Rajawat) भी थे.
वे दोनों बैठे बातचीत कर रहे थे. उस समय दोपहर के एक बज कर 10 मिनट हो रहे थे. तभी एक गाड़ी में सवार हो कर 2 व्यक्ति सुखदेव के परिचित नवीन शेखावत के (Naveen Shekhawat) साथ वहां पहुंचे.
उस वक्त गोगामेड़ी फोन पर बिजी थे, नवीन भी बातचीत सुन रहा था. अजीत सिंह का ध्यान भी सुखदेव सिंह पर था. तभी दोनों युवक जो नवीन शेखावत के साथ आए थे, उठे और पिस्टल निकाल कर दनादन सुखदेव सिंह पर गोलियां दागने लगे.
दोनों आरोपी चंद पलों में काम कर के बाहर भागे. गार्ड नरेंद्र ने पोजीशन ले कर उन पर फायर किए. जवाबी फायरिंग उन लोगों ने नरेंद्र पर की. नरेंद्र के पैर में गोली लगी. वह घायल हो गया. इस के बाद दोनों आरोपी मकान के बाहर सड़क पर पहुंचे.
उन्हें एक स्कूटी पर 2 लोग आते दिखे. उन लोगों ने स्कूटी सवार पर गोली चला दी. स्कूटी सवार गिर पड़े तो स्कूटी पर बैठ कर दोनों आरोपी वहां से भाग निकले, गार्ड ने घायल होने के बावजूद आवाज दी तो आसपास के लोग मौके पर पहुंचे.
गोलियों की आवाज आसपड़ोस के लोगों ने भी सुनी थी. उन लोगों ने सोचा कि कोई पटाखे चला रहा है. क्योंकि विधानसभा चुनाव के नतीजे 3 दिसंबर, 2023 को आए थे.
लोगों ने जब माजरा समझा तो उन्होंने सुखदेव सिंह गोगामेड़ी, अजीत सिंह राजावत, नवीन सिंह शेखावत एवं गार्ड नरेंद्र को मानसरोवर के मेट्रो मास हौस्पिटल पहुंचाया. जहां डाक्टरों ने सुखदेव सिंह गोगामेड़ी और नवीन सिंह शेखावत को मृत घोषित कर दिया. गंभीर घायल अजीत सिंह राजावत को एस.एम.एस. हौस्पिटल रेफर कर दिया.
सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या की खबर करीब 500 मीटर दूर स्थित श्यामनगर थाना पुलिस को लगी तो पुलिस घटनास्थल पर जा पहुंची. पुलिस ने घटना की जांचपड़ताल शुरू करने के साथ ही उच्चाधिकारियों को घटना की खबर दे दी.
सुखदेव सिंह की दिनदहाड़े घर में घुस कर गोली मारने की खबर मिलते ही उच्चाधिकारी घटनास्थल पर दौड़े चले आए. स्कूटी सवार बाबूलाल उर्फ हेमराज के जबड़े में गोली लगी थी. उसे भी अस्पताल में भरती कराया गया. घायल गनमैन नरेंद्र सिंह को मानसरोवर स्थित निजी अस्पताल में भरती कराया गया, जहां डाक्टरों ने उस का इलाज शुरू किया.
खबर पा कर पुलिस कमिश्नर बीजू जार्ज जोसफ भी घटनास्थल पर आ गए. एफएसएल टीम भी वहां पहुंच गई और जांच शुरू कर दी.
सुखदेव की मौत की खबर लगते ही धीरेधीरे हजारों समर्थक जुट गए. आक्रोशित समर्थकों ने सड़क पर टायर जला कर रास्ता बंद कर दिया. दोपहर से देर रात तक समर्थक हौस्पिटल के आगे जुटे रहे. यहां पहुंचे कई बड़े नेताओं ने सुखदेव को सुरक्षा नहीं देने को ले कर आक्रोश जताया और सरकार व पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की. सुखदेव सिंह गोगामेड़ी के समर्थकों में भारी गुस्सा था. पूरे राजस्थान में बवाल सा मच गया.
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दोनों आरोपियों की पहचान कर ली थी. इन में एक शूटर नागौर जिले के मकराना के जूसरिया गांव एवं वर्तमान निवास स्थान जयपुर के झोटवाड़ा में चांद बिहारी नगर निवासी रोहित सिंह राठौड़ था.
इस के खिलाफ वैशालीनगर थाना (जयपुर) में पोक्सो ऐक्ट का मामला दर्ज है, जबकि दूसरे का नाम नितिन फौजी था, जो देंगड़ा जाट गांव महेंद्रगढ़ जिला हरियाणा निवासी है. वहीं नवीन सिंह शेखावत भी इन का साथी था. सबूत मिटाने के लिए शूटरों ने नवीन की भी हत्या कर दी थी.
रोहित गोदारा गैंग पर क्यों हुआ शक
एफएसएल टीम ने जो खाली खोखे मौके से बरामद किए, उन्हें देख कर लग रहा था कि रोहित गोदारा गैंग के पास इसी तरह के हथियारों का जखीरा है. गैंगस्टर राजू ठेहठ की हत्या 3 दिसंबर, 2022 को और जी-क्लब पर फायरिंग में इसी तरह के हथियारों व कारतूस का इस्तेमाल किया गया था.
डीजीपी उमेश मिश्रा को भी शक हुआ कि सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या रोहित गोदारा गैंग ने करवाई है.
रोहित गोदारा गैंग ने हत्या की जिम्मेदारी ले भी ली, सुखदेव सिंह की हत्या के बाद रोहित गोदारा के नाम से बने फेसबुक पेज पर पोस्ट कर लिखा, ‘राम राम, सभी भाइयों को. मैं रोहित गोदारा कपूरीसर गोल्डी बरार, भाइयों आज यह जो सुखदेव गोगामेड़ी की हत्या हुई है, इस की संपूर्ण जिम्मेदारी हम लेते हैं. यह हत्या हम ने करवाई है. भाइयों, मैं आप को बताना चाहता हूं कि ये हमारे दुश्मनों से मिल कर उन का सहयोग करता था. उन को मजबूत करने का काम करता था. रही बात दुश्मनों की तो वह अपने घर की चौखट पर अपनी अर्थी तैयार रखें. जल्दी उन से भी मुलाकात होगी.”
गोगामेड़ी की हत्या के बाद के घटनाक्रम पर डीजीपी नजर बनाए हुए थे, हत्यारों को पकडऩे के लिए नाकाबंदी कराई गई. उन तमाम जिलों में खासतौर पर सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए गए थे, जहां करणी सेना का व्यापक समर्थन है.
सुखदेव सिंह से लारेंस गैंग क्यों रहता था खफा
सुखदेव सिंह गोगामेड़ी और लारेंस गैंग के बीच लंबे समय से झड़प की खबरें सामने आ रही थीं. लारेंस गैंग के सरगना संपत नेहरा ने भटिंडा जेल से मार्च 2023 में सुखदेव को जान से मारने की धमकी दी थी. धमकी मिलने के बाद सुखदेव गोगामेड़ी ने राजस्थान के तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पुलिस डीजीपी, मंत्रियों, श्यामनगर एसएचओ सहित कई अधिकारियों को 3 बार प्रार्थनापत्र दे कर सुरक्षा की मांग की थी, लेकिन उन्हें सुरक्षा नहीं दी गई थी.
पुलिस अधिकारी मौका काररवाई निबटा कर कानून व्यवस्था संभालने में लग गए. उधर, 5 दिसंबर 2023 की शाम करणी सेना के हजारों कार्यकर्ता मेट्रो मास हौस्पिटल के आगे धरने पर पहुंच गए थे.