जैसेजैसे दिन ढलता जा रहा था, वैसेवैसे नीतू की चिंता भी बढ़ती जा रही थी. वह बारबार पति अरुण के मोबाइल फोन पर उस से संपर्क करने की कोशिश कर रही थी, लेकिन फोन बंद होने की वजह से संपर्क नहीं हो पा रहा था. दरअसल, अरुण घर से यह कह कर निकला था कि वह जरूरी काम से किसान नगर तक जा रहा है, घंटे-2 घंटे बाद वापस आ जाएगा.
लेकिन उसे गए 5 घंटे बीत गए थे और वह वापस नहीं आया था. उस का फोन भी बंद था, जिस से नीतू की धड़कनें बढ़ गई थीं. यह 16 जुलाई, 2022 की बात है.
अरुण जब रात 10 बजे तक घर वापस नहीं आया तो नीतू ने जेठ कुलदीप को फोन कर घर बुला लिया. नीतू ने पति के घर वापस न आने की बात कुलदीप को बताई तो उस के माथे पर भी बल पड़ गए. कुलदीप ने अरुण के कुछ खास दोस्तों से फोन पर संपर्क किया, लेकिन अरुण के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली. कुलदीप और नीतू रात भर जागते रहे और दरवाजे की तरफ टकटकी लगाए रहे.
सुबह हुई तो नीतू के अड़ोसपड़ोस वालों को भी जानकारी हुई कि अरुण बीती रात घर नहीं आया. पड़ोसियों ने नीतू को धैर्य बंधाया कि चिंता मत करो, अरुण जल्द ही घर वापस आ जाएगा, लेकिन नीतू को चैन कहां था. उस ने जेठ कुलदीप को साथ लिया और सुबह करीब 9 बजे थाना पनकी पहुंच गई.
थाने में उस समय एसएचओ अंजन कुमार सिंह मौजूद थे. नीतू ने उन्हें बताया कि वह पनकी कलां में अपने पति अरुण कुमार के साथ किराए के मकान में रहती है. उस के पति राजमिस्त्री हैं. कल दोपहर बाद किसी का फोन आने पर वह घर से चले गए थे. उस के बाद वापस घर नहीं आए. उसे किसी अनहोनी की आशंका है.
एसएचओ अंजन कुमार सिंह ने नीतू की बात गौर से सुनी. फिर शक के आधार पर अरुण की गुमशुदगी दर्ज कर ली तथा अरुण के बारे में कुछ खास जानकारी उस के भाई कुलदीप तथा नीतू से हासिल की. उन्होंने अरुण का मोबाइल फोन नंबर भी ले लिया. उस के बाद भरोसा दे कर नीतू को वापस घर भेज दिया.
अंजन कुमार सिंह ने अरुण की गुमशुदगी तो दर्ज कर ली, लेकिन उस का पता लगाने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई. इस की वजह यह थी कि अरुण कोई मासूम बच्चा तो था नहीं, जो उस के अपहरण की आशंका होती.
दूसरे वह राजमिस्त्री था. सोचा कि वह किसी अन्य राजमिस्त्री के घर जश्न में डूबा होगा. अकसर ऐसी दावतें होती रहती हैं. अरुण भी जश्न मना कर 1-2 दिन में अपने आप आ ही जाएगा.
लेकिन जब 2 दिन बीत जाने पर भी अरुण वापस घर नहीं आया तो पुलिस एक्टिव हुई. अंजन कुमार सिंह ने अरुण के मोबाइल फोन की काल डिटेल्स निकलवाई तो एक ऐसा नंबर सामने आया, जिस पर अरुण अकसर बात करता था.
इस मोबाइल नंबर के बारे में जानकारी जुटाई गई तो पता चला कि यह नंबर कानपुर देहात जिले के थाना गजनेर के सपई गांव की युवती सीमा का है.
एसएचओ अंजन कुमार सिंह तब पुलिस टीम के साथ सपई गांव पहुंचे और सीमा से पूछताछ की. सीमा ने बताया कि वह राजमिस्त्री अरुण कुमार को जानती है. अरुण की उस के गांव में रिश्तेदारी है. रिश्तेदार के घर आतेजाते उस की मुलाकात अरुण से हुई थी. मुलाकातें दोस्ती में बदलीं, फिर दोस्ती प्यार में बदल गई.
प्यार परवान चढ़ा तो उन के बीच की दूरियां भी खत्म हो गईं और उन का शारीरिक रिश्ता बन गया. लेकिन उन के प्यार में दरार तब पड़ी, जब अरुण ने उसे धोखा दे कर किसी और लड़की से शादी रचा ली. शादी के बाद उस ने अरुण से दूरियां बना ली थीं.
‘‘लेकिन तुम्हारी फोन पर तो उस से बात होती रहती थी,’’ एसएचओ ने सीमा से पूछा.
‘‘हां सर, फोन पर बात होती रहती थी,’’ सीमा ने जवाब दिया.
‘‘16 जुलाई, 2022 की दोपहर बाद क्या तुम ने अरुण से बात की थी?’’ अंजन कुमार सिंह ने पूछा.
सीमा कुछ क्षण सोचती रही फिर बोली, ‘‘सर, उस रोज मैं ने तो अरुण से बात नहीं की थी, लेकिन संदीप कश्यप ने मेरे फोन से अरुण से बात की थी. वह उसे मकान का ठेका और एडवांस पैसे दिलाने की बात कर रहा था.’’
‘‘यह संदीप कौन है? उस ने तुम्हारे फोन से अरुण को फोन क्यों किया?’’
‘‘सर, संदीप इसी गांव का रहने वाला है. हमारी उस से दोस्ती है. कभीकभी वह उस से मिलने घर आ जाता है. उस दिन वह उस से मिलने घर आया था. तभी उस ने उस के फोन से अरुण से बात की थी. अरुण की दोस्ती संदीप से है. उस का संदीप के घर आनाजाना बना रहता है. लेकिन सर, अरुण के विषय में आप मुझ से क्यों पूछ रहे हैं?’’ सीमा बोली.
‘‘इसलिए कि अरुण को किसी ने फोन कर बुलाया. उस के बाद अरुण घर नहीं पहुंचा. उसी का पता हम लगा रहे हैं.’’ अंजन कुमार सिंह ने सीमा को बताया.
यह सुनते ही सीमा ने सिर पकड़ लिया. उस के मन में तरहतरह की आशंकाएं उमड़ने लगीं.
सीमा ने जो जानकारी दी थी, उस से एक बात साफ थी कि मामला अवैध रिश्तों का है. और अवैध रिश्तों में कुछ भी संभव है. अत: संदीप कश्यप पुलिस की निगाह में चढ़ा तो एसएचओ अंजन कुमार सिंह उस के घर जा पहुंचे.
वह पुलिस जीप से जैसे ही उतरे, वैसे ही चबूतरे पर बैठा एक युवक तेजी से भागा. पुलिस ने पीछा कर कुछ दूरी पर उसे दबोच लिया.
उस युवक ने अपना नाम अमित कुमार कश्यप उर्फ गुड्डू निवासी गांव सपई जनपद कानपुर देहात बताया. दबिश में संदीप कश्यप तो नहीं मिला, लेकिन शक होने पर पुलिस अमित उर्फ गुड्डू को पूछताछ के लिए थाना पनकी ले आई.