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पहली मई, 2023 को जयपुर शहर (पूर्व) के मालपुरा गेट निवासी मुन्नी ने अपनी बेटी रुखसाना उर्फ अफसाना (30 वर्ष) की हत्या का मामला दर्ज कराया था. एसएचओ सतीशचंद्र चौधरी को दी रिपोर्ट में मुन्नी ने बताया था कि उस की बेटी रुखसाना गत 2 साल से सूखाल सवाई माधोपुर हाल निवास शिकारपुरा रोड, सेक्टर-35 सांगानेर निवासी नजलू खान (24 वर्ष) केसाथ रह रही थी.

30 अप्रैल, 2023 को नजलू खान ने रुखसाना से मारपीट की और उसे जयपुरिया अस्पताल जयपुर में भरती करवाया और वहां मौत होने पर सूचना दे कर भाग गया. मुन्नी की तहरीर पर पुलिस ने नजलू खान के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया. इस के बाद थाना मालपुरा गेट के एसएचओ सतीशचंद्र चौधरी मय पुलिस टीम जयपुरिया अस्पताल पहुंचे. वहां पर रुखसाना की लाश मिली.

रुखसाना का इलाज करने वाले डाक्टरों ने पुलिस को बताया कि रुखसाना को नजलू खान अस्पताल ले कर आया था.  उस ने बताया था कि एक्सीडेंट में रुखसाना घायल हो गई है. साथ में कोई लेडीज नहीं थी. इस कारण डाक्टर ने नजलू से कहा कि वह परिवार की किसी महिला को बुला लें.  नजलू ने तब रुखसाना की अम्मी मुन्नी को फोन कर कहा कि रुखसाना का एक्सीडेंट हो गया है, आप जयपुरिया अस्पताल जल्दी आ जाओ.

मुन्नी जब अस्पताल आई, तब तक रुखसाना की मृत्यु हो गई थी. इस के बाद नजलू खान भी अस्पताल से फरार हो गया था. पुलिस ने रुखसाना के शव का पहली मई, 2023 को पोस्टमार्टम मैडिकल बोर्ड से करा कर शव उस की अम्मा मुन्नी को सौंप दिया.

पता चला कि रुखसाना की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में रूह कंपा देने वाला सच सामने आया है. घुटनों से वार करने के कारण रुखसाना की दोनों तरफ की 3-3 पसलियां टूट गई थीं. लिवर फट गया था. छाती और पेट पर घुटनों से कई वार किए गए. अंदर इतनी ब्लीडिंग हुई कि पेट में 2 यूनिट से ज्यादा खून जमा हो गया. 18 से अधिक गंभीर चोटें, छोटीमोटी अनगिनत चोटें पाई गईं. लिवइन पार्टनर ने मारपीट इतनी बुरी तरह से की थी कि रुखसाना की मौत हो गई थी.

लिवइन पार्टनर के खिलाफ लिखाई रिपोर्ट

मामला हत्या का लग रहा था. अगर मामला एक्सीडेंट का होता तो नजलू खान फरार क्यों हुआ. मामले को पुलिस अधिकारियों के संज्ञान में लाया गया. डीसीपी ज्ञानचंद यादव के निर्देश पर एसएचओ सतीशचंद्र चौधरी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई. पुलिस टीम आरोपी नजलू खान को गिरफ्तार करने के प्रयास में जुट गई.

डीसीपी ज्ञानचंद यादव के निर्देशन में पुलिस ने फरार आरोपी नजलू खान के मोबाइल को ट्रेस करना शुरू किया. सीसीटीवी फुटेज देखे. नजलू खान ने जिन लोगों से 30 अप्रैल, 2023 को बातचीत की थी, पुलिस ने उन लोगों से संपर्क किया. पता चला कि नजलू खान ने पहली मई को पुरानी सिम फेंक कर नया सिम जारी करवाया, लेकिन इस के बावजूद पुलिस से बच नहीं पाया. पुलिस ने पताठिकाना मालूम कर उसे 3 मई, 2023 को हिरासत में ले लिया.

पूछताछ में नजलू खान ने स्वीकार किया कि उस ने रुखसाना के साथ 30 अप्रैल, 2023 को बुरी तरह से मारपीट कर रुखसाना का मर्डर किया था. उस ने पुलिस को बताया कि उसे शक था कि रुखसाना किसी दूसरे आदमी से फोन पर बात करने लगी है. शक के आधार पर ही उस ने रुखसाना को पीटपीट कर मौत के घाट उतार दिया.

जुर्म कुबूल करते ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया आरोपी नजलू खान से कड़ी पूछताछ में रुखसाना हत्याकांड की जो कहानी सामने आई, वह इस प्रकार से है—

राजस्थान के टोंक जिले के काकोड़ गांव के कमरुद्दीन व मुन्नी की बेटी थी रुखसाना उर्फ अफसाना. मुन्नी के 7 बेटियां हैं. रुखसाना रूपसौंदर्य की मल्लिका थी. वह करीब साढ़े 5 फीट की गोरे रंग की सुंदरी थी. उस की बड़ीबड़ी कजरारी आंखों व खनकती हंसी से जो भी रूबरू हुआ, वह उस का दीवाना हो जाता था. रुखसाना की मीठी बोली थी. जब वह जवान होने लगी तो उस का रूपसौंदर्य खिलता गया. गरीब मांबाप की बेटी को सुंदरता मिले तो कहते हैं कि वह अभिशाप बन जाती है.

टोंक जिला मुख्यालय से 20 किलोमीटर दूर काकोड़ गांव के युवाओं में उस वक्त रुखसाना के रूप की ही चर्चा थी. जब रुखसाना गांव में कहीं काम से निकलती तो लोग उसे मंत्रमुग्ध हो कर देखते रह जाते. बेटी के साथ कहीं कोई ऊंचनीच न हो जाए, इसलिए घर वालों ने रुखसाना की शादी मात्र 14 वर्ष की आयु में निवाई (जिला टोंक) के बबलू खान से कर दी. मात्र 14 बरस की आयु में भी रुखसाना भरेपूरे शरीर के कारण भरीपूरी जवान दिखती थी.

बबलू खान निवाई की पत्थर फैक्ट्री में काम करता था. इस से परिवार का भरणपोषण होता था. शादी के साल भर बाद ही रुखसाना एक बेटे की मां बन गई, जो इस समय 15 बरस का है. इस के बाद रुखसाना के 3 बेटे और हुए 4 बेटों के कारण घरगृहस्थी में खर्चा भी बढ़ गया. मगर कमाई वही थी. पत्थर फैक्ट्री में पत्थर कटिंग के बदले 4 सौ रुपए दैनिक की मजदूरी में. मुश्किल से गुजरबसर हो रही थी.

पत्थर की फैक्ट्री में काम करते समय पत्थर कटिंग से उड़ती धूल उस के गले में जमती गई. कफ रहने लगा. धीरेधीरे पति बबलू खान काफी बीमार रहने लगा और आज से साढ़े 3 साल पहले उस की मौत हो गई. रुखसाना विधवा हो गई. उस के चारों बेटे पिता के साए से वंचित हो गए. पति का इंतकाल होने के बाद घर में फाकाकशी की नौबत आ गई.

कुछ समय तक वह जैसेतैसे ससुराल निवाई में रही. ससुराल वाले उसे पूछते तक नहीं थे. ऐसे में पति की मौत के 6 माह बाद रुखसाना ससुराल छोड़ मायके काकोड़ आ कर मांबाप के पास रहने लगी. मातापिता गरीब थे. मगर दुखियारी बेटी को वे कैसे पनाह नहीं देते, रुखसाना अपने चारों बेटों के साथ करीब साल भर मायके में रही.

इस के बाद रुखसाना ने अपनी मां मुन्नी से कहा, “मां, मैं अब तुम लोगों पर बोझ नहीं बनना चाहती हूं. मैं जयपुर जा कर कोई काम कर लूंगी. उस से अपना और बेटों को भरणपोषण हो जाएगा.”

मां की बात नहीं मानी रुखसाना ने

बेटी के जयपुर जाने की बात सुन कर मां मुन्नी ने कहा, “इतने बड़े शहर में किस के भरोसे रहोगी. जमाना बड़ा खराब है. अकेली जवान औरत कैसे अजनबी शहर में अजनबी लोगों के साथ रह सकेगी. मुझे तो बड़ी चिंता हो रही है. तुम यहीं रहो हमारे पास, जैसेतैसे गुजारा कर लेंगे.”

मां की बात सुन कर रुखसाना बोली, “मां, जिंदगी बहुत लंबी है. कुछ न कुछ तो करना ही होगा. यहां पर मैं कब तक तुम लोगों पर बोझ बनी रहूंगी. अकेली औरतें आज हर काम कर रही हैं, वो अकेली ही रहती हैं. मेरे साथ तो 4 बेटे हैं. मैं अकेली थोड़ी हूं. आप लोग चिंता न करो. ऊपर वाला सब ठीक करेगा.”

“जैसा तू ठीक समझे बेटी. मगर मेरा दिल न जाने क्यों अनहोनी के डर से धडक़ रहा है.” मुन्नी ने शंका जाहिर की. मगर रुखसाना मां को समझाबुझा कर मनाने में कामयाब रही.

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