कहानी के बाकी भाग पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

आशीष साहू ने आत्मविश्वास से लबरेज हो कर कहा, ‘‘हंडरेड परसेंट, मैं तुम्हें शेयर मार्केट में कमा कर ही दूंगा मगर…’’

‘‘मगर…मगर क्या?’’ प्रियंका आशंकित हुई.

आशीष साहू ने कहा, ‘‘चलो कोई बात नहीं, मैं देख लूंगा तुम्हें नुकसान नहीं होने दूंगा.’’

उसे लगा कि कहीं वह यह कह देगा कि शेयर में नुकसान भी हो जाता है कभीकभी तो प्रियंका शायद उस से आगे बात भी न करे.

आशीष साहू से बात कर के प्रियंका को आज एक नई मंजिल दिखाई देने लगी. उस ने फैसला किया कि वह भी शेयर मार्केट में रुपए लगाएगी और आशीष जैसा शेयर मार्केट का सधा हुआ खिलाड़ी जब उसे मिल गया है तो वह कमा कर देगा ही देगा.

प्रियंका ने कुछ ही दिनों में 5 लाख रुपए उस के अकाउंट में ट्रांसफर कर दिए और कहा, ‘‘यह पैसे हैं मैं ने किसी तरह इकट्ठे कर के रखे थे, तुम्हें दे रही हूं.’’

‘‘प्रियंका, तुम ने मुझ पर विश्वास किया है, मैं तुम्हें देखना कैसे कमा कर दूंगा.’’ आशीष ने विश्वास दिलाया.

आगे कुछ एक ऐप पर शेयर मार्केट का खेल चलने लगा. प्रियंका उसे रुपए देती और आशीष कुछ समय बाद उसे उस का लाभांश देता तो प्रियंका खुशी से झूम उठती.

आशीष साहू ने धीरेधीरे प्रियंका सिंह का विश्वास पूरी तरह हासिल कर लिया. प्रियंका भी आंखें बंद कर के उस पर विश्वास करने लगी थी.

वह यह मानती थी कि आशीष साहू उस के साथ कभी भी कोई धोखा नहीं कर सकता और इसी विश्वास की बुनियाद पर प्रियंका सिंह ने मां और अन्य जानपहचान वालों से पैसे ले कर आशीष को धीरेधीरे 15 लाख रुपए शेयर मार्केट में इनवैस्ट करने के लिए दे दिए.

इस के बाद इस कहानी में एक नया मोड़ आ गया. एक महीने का लंबा समय हो गया था, आशीष साहू ने उसे शेयर से कमाए पैसे नहीं दिए तो कुछ दिन तक तो प्रियंका यह सोच कर चुप थी कि आशीष खुद फोन कर के उसे खुशखबरी देगा और रुपए उस के अकाउंट में ट्रांसफर करवाएगा.

मगर जब सब्र की सीमा खत्म हो गई तो आखिर प्रियंका सिंह ने आशीष को फोन कर के कहा, ‘‘आशीष, क्या बात है, मुझे घर जाना है और तुम हो कि कई दिनों से मौनी बाबा बन कर बैठ गए हो.’’

आशीष साहू ने तत्काल बात बनाते हुए कहा, ‘‘नहींनहीं, ऐसी कोई बात नहीं है, मैं आज आप को पेमेंट दूंगा.’’

मगर उस दिन भी आशीष ने रुपए नहीं दिए तो प्रियंका ने दूसरे दिन फिर फोन पर झल्लाते हुए कहा, ‘‘आशीष, तुम्हें क्या हो गया है मेरे साथ ऐसा क्यों कर रहे हो?’’

आशीष साहू ने सौरी बोलते हुए कहा, ‘‘आज निश्चित रूप से आप को पेमेंट मिल जाएगी. दरअसल, अचानक बाहर चला गया था.’’

प्रियंका को धीरेधीरे एहसास होने लगा था कि मामले में कुछ तो पेंच है. आशीष साहू अब पहले जैसी बात और व्यवहार नहीं कर रहा है. फिर सोचा हो सकता है किसी तकलीफ में होगा, बता नहीं रहा है. मगर उस के रुपए वह कभी भी हड़पने का प्रयास नहीं करेगा.

यह सोच कर के प्रियंका सिंह को अच्छा लगा और वह अपने रोजाना के काम में लग गई. दोपहर में जब प्रियंका सिंह आशीष के मैडिकल स्टोर पर पहुंची तो आशीष ने उस का स्वागत किया और बताया कि अभी 5 मिनट में रुपए तुम्हारे अकाउंट में ट्रांसफर करवा देगा.

प्रियंका सिंह के लिए आशीष ने कुछ खाने के लिए स्नैक्स और काफी मंगा ली. कुछ देर दोनों बातें करते रहे. थोड़ी ही देर में प्रियंका के मोबाइल में मैसेज आ गया कि उस के अकाउंट में 4 लाख रुपए आ चुके हैं. इस पर प्रियंका ने आशीष साहू से कहा, ‘‘मेरी परीक्षाएं 20 अक्तूबर को खत्म हो चुकी हैं और मैं  बेवजह तुम्हारे कारण यहीं टिकी हुई हूं.’’

आशीष साहू ने प्रियंका को विश्वास दिलाते हुए कहा, ‘‘तुम घर जाओ, 24 को दीपावली है. मैं त्यौहार के एकदो दिन बाद सारा पैसा आप के खाते में लाभ सहित डलवा दूंगा.’’

प्रियंका के सामने और कोई दूसरा चारा नहीं था. उस ने मन ही मन कुछ सोचा और कहा, ‘‘ठीक है, दीपावाली के एकदो दिन बाद मुझे पूरा पैसा मिल जाना चाहिए.’’

आशीष साहू हंसते हुए बोला, ‘‘मैं ने जो भी कहा है हमेशा उस पर खरा उतरा हूं.’’

प्रियंका ने भी चेहरे पर मुसकराहट लाते हुए कहा, ‘‘मुझे तुम पर विश्वास है. मगर दीपावाली के बाद देखो फिर आगे गड़बड़ नहीं होनी चाहिए.’’ यह कह कर प्रियंका सिंह वहां से चली गई.

16 नवंबर, 2022 बुधवार का शीत भरा दिन था. लोग दिन में भी ठिठुर रहे थे. छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर कोतवाली के टीआई प्रदीप आर्य शहर में गश्त कर रहे थे. तभी लगभग शाम 3 बजे उन के मोबाइल पर एक फोन आया.

उन्होंने रिसीव किया तो दूसरी तरफ से आवाज आई, ‘‘सर, मैं हिमांशु सिंह भिलाई से आया हुआ हूं, आप से मिलना चाहता हूं. दरअसल, मेरी बहन 2 दिनों से लापता है.’’

टीआई प्रदीप आर्य ने कहा, ‘‘मैं आधे घंटे में थाने पहुंच रहा हूं. आप लड़की का फोटो और सारी डिटेल ले कर आ जाओ.’’

कुछ देर बाद जब टीआई प्रदीप आर्य थाने पहुंचे तो हिमांशु रोआंसे स्वर में बोला, ‘‘सर, मैं ही हिमांशु हूं, आप से बात हुई थी. मेरी बहन प्रियंका सिंह 15 नवंबर से लापता है. उस से कोई बातचीत नहीं हो पा रही है, फोन भी बंद है.’’

इस के बाद उस ने प्रियंका सिंह के कुछ फोटो और अन्य दस्तावेज सामने रख दिए.

टीआई प्रदीप आर्य ने उस से विस्तृत जानकारी ली और कहा, ‘‘हिमांशु, तुम चिंता मत करो. पुलिस जल्दी ही प्रियंका के बारे में जरूर पता लगाएगी.’’

और कहानियां पढ़ने के लिए क्लिक करें...