बच्चों को अच्छी तालीम मिले, उस का अपना घर हो, इन्हीं सपनों को पूरा करने के लिए गुलाम हैदर कोविड बीमारी से पहले 3 साल के कौन्ट्रैक्ट पर 2019 में नौकरी का मौका मिलने पर सऊदी अरब चला गया. उस वक्त सब से छोटी बेटी सीमा के पेट में थी.
ये था सीमा की जिंदगी का वो पहलू जब वो पाकिस्तान में थी. शौहर के सऊदी अरब जाने के बाद वह बच्चों के साथ के बावजूद एकदम तन्हा हो गई. हालांकि गुलाम के सऊदी जाने के बाद सीमा और उस के बच्चों की गुजरबसर पहले से कहीं ज्यादा अच्छे ढंग से होने लगी. क्योंकि शुरू में गुलाम सीमा को वहां से 40-50 हजार रुपए भेजता था, जो कुछ महीने बाद उस ने 70-80 हजार कर दिए.
इतना ही नहीं, उस ने बैंक से लोन ले कर व कुछ उधार ले कर सीमा को 17 लाख रुपए भी भिजवाए. क्योंकि सीमा की चाहत थी कि वो अपना मकान खरीदे. इधर पाकिस्तान में सीमा की जिदंगी मजे में जरूर गुजर रही थी, लेकिन अब उस में न कोई प्रेम रस रहा न कोई ऐसा साथी जिस के साथ वक्त बिताया जा सके. ऐसे में 2 चीजें सीमा की जिंदगी का सहारा बनीं. एक सोशल मीडिया पर रील बनाना तो दूसरा मोबाइल पर पब्जी का खेल.
दोनों ही शौक कुछ समय बाद सीमा की दीवानगी बन गए. सीमा डांस करने के साथ बेहद रोमांटिक वीडियो बना कर अपने इंस्टाग्राम व फेसबुक पर डालने लगी. इस सब से उस का वक्त मजे से गुजरने लगा. इस दौरान सीमा का कनेक्शन सचिन मीणा से हो गया.
पबजी के द्वारा परवान चढ़ा प्यार
दिल्ली से सटे ग्रेटर नोएडा के कस्बा रबूपुरा में रहने वाला सचिन मीणा (25 साल) रबूपुरा के अपने पैतृक गांव में पिता नेत्रपाल, मां व भाईबहन के साथ रहता है. पिता के साथ वह उन की किराने की दुकान में उन का हाथ बंटाता है. सचिन को औनलाइन गेम खेलने का शौक है. इस की लत उसे तब लगी, जब सिंतबर 2020 में पबजी पर प्रतिबंध लगने से पहले युवा उम्र के लोगों में यह खेल एक लत बन गया था.
इसी पबजी के खेल के दौरान अकसर उस की पबजी चैट 2020 में पाकिस्तान से पबजी खेलने वाली सीमा से होने लगी. कुछ बार पबजी चैट के बाद सचिन व सीमा का एकदूसरे से वाट्सऐप मोबाइल नंबर का आदानप्रदान हुआ और जल्द ही दोनों की वाट्सऐप चैट होने लगी.
शुरुआत औपचारिक बातचीत और पारिवारिक जानकारियों के आदानप्रदान से हुई, लेकिन जल्द ही जब दोनों एकदूसरे से वीडियां चैट करने लगे और एकदूसरे को देखा तो जल्द ही एकदूसरे के प्रति आकृष्ट भी हो गए. सोशल मीडिया की ये चैट और वीडियो कालिंग कब दोनों में प्यार का अहसास जगा गई, पता ही नहीं चला.
हालांकि 2020 के सितंबर में पबजी तो भारत में बंद हो गया, लेकिन इस के कारण सचिन व सीमा के बीच जो दोस्ती बनी थी, उसे वाट्सऐप ने प्यार के मुकाम तक पहुंचा दिया. अब कोई ऐसा दिन नहीं जाता, जब दोनों एकदूसरे से वीडियो चैट पर बात न करते थे.
सीमा और सचिन की पबजी खेलने के दौरान बातचीत कोरोना काल में हुई थी. दोस्ती अब प्यार में तब्दील हो चुकी थी. उन का प्रेम प्रसंग बढ़ता जा रहा था. इंतजार था तो सिर्फ एकदूजे से मिलने का. साल 2023 आतेआते दोनों ने तय किया कि अब वह ज्यादा दिन तक अलग नहीं रह सकते हैं.
सीमा हैदर ने इस दौरान बारबार भारत का वीजा अप्लाई किया, क्योंकि वह सचिन से मिलना चाहती थी. हर बार यह वीजा की अपील खारिज होती गई, ऐसे में सीमा ने दूसरा तरीका अपनाया. वह अब सऊदी अरब के जरिए भारत आने की कोशिश करने लगी.
कुछ मुश्किलें हुईं तो उस ने दुबई के रास्ते नेपाल का रास्ता अपना लिया. सीमा और सचिन 10 मार्च, 2023 को नेपाल में मिले. दोनों करीब 7 दिनों तक फरजी नाम व पता लिखा कर न्यू विनायक होटल में साथ रहे. यहीं पर उन दोनों ने काठमांडू के पशुपतिनाथ मंदिर में शादी कर ली और हमेशा साथ रहने की कसमें खाईं.
दुबई से नेपाल फिर भारत पहुंची सीमा
लेकिन कहानी सिर्फ यहीं खत्म होने वाली नहीं थी, क्योंकि असली चिंता सीमा और उस के चारों बच्चों को सुरक्षित भारत लाने की थी. तब सचिन वहां से वापस भारत आ गया और सीमा अपने बच्चों के साथ कुछ वक्त वहीं रुकी. जब मालूम पड़ा कि नेपाल से अगर कोई भारतीय बौर्डर के जरिए आता है तो किसी वीजा की जरूरत नहीं होती है.
सचिन और सीमा की इस बारे में पहले ही बात हो गई थी कि वे दोनों नेपाल में शादी करेंगे और उस के बाद सीमा वापस पाकिस्तान जा कर अपने बच्चों के साथ भारत आएगी. इसीलिए सचिन ने पहले से ही अपनी पत्नी के रूप में सीमा का व पिता के तौर पर उस के 3 बच्चों का आधार कार्ड तैयार करा लिया था. सचिन से शादी करने के बाद सीमा पाकिस्तान चली गई और सचिन रबूपुरा अपने घर आ गया.
नेपाल टूर के दौरान ही सचिन और सीमा ने साथ रहने का मन बना लिया था. यही वजह थी कि नेपाल से वापस कराची लौटने के बाद सीमा ने सब से पहले कराची में एक ट्रैवल एजेंट से संपर्क किया. सीमा ने ट्रैवल एजेंसी से पूछा कि वह किस तरह से अपने 4 बच्चों के साथ हिंदुस्तान जा सकती है. तब उसे पता चला कि नेपाल के रास्ते वह हिंदुस्तान बड़ी आसानी से दाखिल हो सकती है.
इस के बाद शुरू हुई एक नाटकीय प्रेम कथा की शुरुआत. सीमा ने सब से पहले पाकिस्तान में अपना घर बेच कर पैसा एकत्र किया, जिसे उस ने कुछ साल पहले खरीदा था. उस ने अपने तीनों बच्चों के पासपोर्ट तैयार कराए. उस के बाद वहां से वीजा ले कर सीमा 13 मई, 2023 को अपने 4 बच्चों को ले कर पाकिस्तान से पहले दुबई पहुंची. इस के बाद वहां से टूरिस्ट बन कर नेपाल आ गई.
इस के बाद सीमा वहां से बौर्डर पार कर के भारत आ गई. फिर गुपचुप तरीके से दिल्ली पहुंच कर पहले सचिन ने उसे आईएसबीटी बस अड्डे से रिसीव किया. बाद में एक जंगल में पहले अपने पिता नेत्रपाल से सीमा व उस के बच्चों की मुलाकात कराई. पिता को सचिन की प्रेम कहानी पहले से पता थी. उसी रात सचिन सीमा को अपने घर ले आया.