निक ने सोचा कि माइकल या तो उस बंगले में किराएदार है या उस ने वह बंगला हाल ही में खरीदा है. वह नेम प्लेट देखता हुआ थोड़ा आगे बढ़ गया और फिर वापस लौट आया. उसी वक्त बंगले का मुख्य दरवाजा खुला और अंदर से एक काली मर्सिडीज निकलती दिखाई दी. ड्राइविंग सीट पर एक स्वस्थ और अच्छी शक्लोसूरत का आदमी बैठा था. सफेद बाल और उम्र लगभग 60 साल.
पीछे की सीट पर उस से आधी उम्र की एक खूबसूरत औरत बैठी थी. निक अपनी कार में आ बैठा और उस ने मर्सिडीज का पीछा शुरू कर दिया. दूरी थोड़ी ज्यादा थी, जब वह गली के मोड़ पर पहुंचा तो मर्सिडीज नजरों से ओझल हो गई.
उसी रोज रात के 10 बजे निक ईस्ट हारलम के इलाके में जा पहुंचा. वह एक बदनाम इलाका था, शरीफ आदमी रात के समय वहां जाते हुए डरते थे. निक अपनी कार सबवे स्टेशन के पास खड़ी कर के पैदल ही एक ओर चल दिया. थोड़ी दूर चलने के बाद उस ने महसूस किया कि लफंगे टाइप के 2 युवक उस का पीछा कर रहे हैं.
वह जानबूझ कर एक अंधेरी गली में घुस गया. वे दोनों युवक उस के बिलकुल पास पहुंच गए. तभी एक ने उस के बाईं ओर के कंधे से कंधा टकराया. निक ने उस की ओर देखा तो दाईं ओर वाला उस के साथ रगड़ खाता हुआ आगे निकल गया. अगर निक इस ड्रामे के लिए तैयार न होता तो उसे हरगिज पता नहीं चलता कि दाईं ओर वाला युवक उस की पैंट की पिछली जेब से पर्स निकाल चुका है.
‘‘रुक जाओ.’’ निक ने जल्दी से आवाज लगाई, ‘‘पर्स खाली है, कुछ नहीं है उस में.’’
यह सुनते ही वे दोनों रुके और बाईं ओर वाले युवक ने कमानीदार चाकू निकाल लिया. हलके अंधेरे के बावजूद निक ने बड़ी फुरती से उस की बांह पकड़ कर चाकू छीन लिया. दूसरा युवक अपने साथी की मदद के लिए तेजी से आगे बढ़ा तो निक ने उस के पेट पर घुटने से जोरदार वार किया. वह तेज दर्द से कराहता हुआ दोहरा हो गया. उन दोनों को शायद यह बिलकुल उम्मीद नहीं थी कि शरीफ सा दिखने वाला वह आदमी जवाबी हमला कर देगा. इसलिए दोनों बौखला गए.
निक ने अभी तक पहले वाले युवक की बांह नहीं छोड़ी थी. उस ने चाकू की नोक उस की गरदन से लगाते हुए कहा, ‘‘मैं बिजनेस की बात करना चाहता हूं.’’
‘‘कैसा बिजनेस? हमारी जेबें बिलकुल खाली हैं, तुम्हें कुछ हासिल नहीं होगा.’’
‘‘जानता हूं, तुम दोनों कंगले हो.’’
‘‘ओह, मेरी बांह तो छोड़ो.’’
‘‘चुपचाप मेरी बात सुनो.’’ निक ने उसे डांटा, ‘‘यह बताओ, चौबीस घंटों के अंदर 5 सौ डौलर कमाने के बारे में क्या खयाल है?’’
‘‘24 घंटे के अंदर 5 सौ डौलर?’’ दोनों एकसाथ बोले, ‘‘काम क्या है?’’
‘‘काम ज्यादा मुश्किल नहीं है.’’ कहते हुए निक ने उस युवक की बांह छोड़ दी. फिर कहा, ‘‘तुम्हें एक आदमी की जेब से पर्स निकालना और वापस डालना है.’’
‘‘निकालने वाली बात तो समझ में आती है, लेकिन वापस डालने का क्या मतलब?’’
‘‘समझ लो यह तुम्हारे हुनर की परीक्षा है. 5 सै डौलर तुम्हें इसी काम के मिलेंगे.’’
‘‘तुम ने हमारा हुनर देखा ही कहां है, हम एक बार नहीं 10 बार पर्स निकाल कर डाल सकते हैं. लेकिन परेशानी यह है कि पर्स में 25-50 डौलर से ज्यादा नहीं निकलते. आजकल आमतौर पर लोगों की जेब में क्रेडिट कार्ड होते हैं. बड़े लोगों ने जेबों में कैश रखना छोड़ दिया है. वैसे हमें अपने हुनर का प्रदर्शन कब और कहां करना होगा?’’
निक ने उन्हें विस्तार से सब कुछ समझा दिया. उन के नाम बर्ट और विकी थे.
अगले दिन 11 बज कर 10 मिनट पर माइकल गार्नर ने अपनी कार पार्किंग में खड़ी की और नजदीकी शौपिंग प्लाजा की ओर बढ़ गया. निक की कार भी उस के पीछेपीछे पार्किंग में दाखिल हुई थी. बर्ट और विकी नाम के देनों युवक पिछली सीट पर बैठे थे. तीनों लगभग 2 घंटे से माइकल का पीछा कर रहे थे. अब वह मौका उन के सामने था जिस की उन्हें तलाश थी.
निक के इशारे पर बर्ट और विकी कार से निकल कर माइकल के पीछे चल दिए. निक वहां नहीं रुका. उस ने अपनी कार पार्किंग से बाहर निकाल कर शौपिंग प्लाजा की ओर मोड़ दी. वह उन के ज्यादा से ज्यादा करीब रहना चाहता था. चंद पलों के बाद उस ने अपनी कार प्लाजा के सामने रोक दी.
बर्ट और विकी निक की उम्मीद से ज्यादा तेज साबित हुए. उन्होंने उस समय माइकल का पर्स पार कर लिया, जब वह स्टोर के अंदर दाखिल हो रहा था. विकी उस के पीछे ही रहा जबकि बर्ट पर्स ले कर निक के पास पहुंच गया. पर्स के अंदर लगभग डेढ़ सौ डौलर, क्रेडिट कार्ड, आइडिंटी कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, तीन विजिटिंग कार्ड और एक मुड़ा हुआ कागज था. निक ने कागज निकाल कर पर्स यह कह कर बर्ट को वापस दे दिया कि उसे फिर से उसी की जेब में डाल दे.
बर्ट पर्स लेते हुए बोला, ‘‘तुम ने केवल इस कागज के लिए 5 सौ डौलर खर्च किए हैं?’’
‘‘तुम अपने काम से मतलब रखो.’’ निक ने कहा, ‘‘पर्स से बिना कोई चीज निकाले इसे वापस माइकल की जेब में डाल देना.’’
‘‘और हमारा मेहनताना?’’ बर्ट ने कहा तो निक ने जेब से 2 सौ डौलर निकाल कर उस के हाथ पर रख दिए. बोला, ‘‘3 सौ डौलर काम पूरा होने पर. और हां, जरा जल्दी करो. कहीं वह वापस न चला जाए. मैं भी तुम्हारे पीछे ही आ रहा हूं.’’
बर्ट 2 सौ डौलर जेब में रख कर वापस चल दिया. निक कार से बाहर निकला और थोड़े फासले से उस के पीछे चलने लगा. स्टोर के दरवाजे पर पहुंच कर बर्ट ने पर्स की नकदी अपनी जेब में डाल ली लेकिन निक से उस की यह हरकत नहीं छुप सकी. माइमल अभी तक स्टोर के अंदर ही था. बर्ट ने विकी को इशारा किया और माइकल के पीछे पहुंच गया.
चंद पलों तक वह उस के पीछे चलता रहा. फिर मौका देख कर उस ने पर्स उस की जेब में डालने की कोशिश की. तभी अचानक माइकल घूमा और उस ने बर्ट की कलाई पकड़ ली. उस ने शोर मचाया तो शौपिंग प्लाजा के कोने पर खड़ा सिक्योरिटी गार्ड फौरन उस की मदद के लिए पहुंच गया. यह देख कर विकी ने वहां से खिसक जाने में ही भलाई समझी. निक भी तुरंत मुड़ गया क्योंकि अब वहां रुकना खतरनाक था.
निक कार के पास पहुंचा तो विकी वहां खड़ा उस का इंतजार कर रहा था. उस ने निक को देखते ही कहा, ‘‘बर्ट पकड़ लिया गया है.’’
‘‘मुझे मालूम है. उस ने मेरे मना करने के बावजूद भी पर्स से पैसे निकाल लिए. यह बात मुझे पसंद नहीं आई.’’
‘‘अब हमारे मेहनताने का क्या होगा?’’
‘‘उसूली तौर पर तो तुम्हें कोई मेहनताना नहीं मिलना चाहिए. क्योंकि तुम लोगों ने वादे के मुताबिक काम नहीं किया.’’ इस के साथ ही उस ने सौ डौलर निकाल कर विकी के हाथ पर रखते हुए कहा, ‘‘2 सौ डौलर बर्ट को दे चुका हूं. ये सौ डालर तुम्हारे हैं.’’
‘‘लेकिन बात 5 सौ डौलर की हुई थी.’’
‘‘हां, लेकिन काम पूरा होने की स्थिति में. इन्हें रखो और चलते बनो. वरना पुलिस तुम तक भी पहुंच सकती है.’’
विकी ने सौ डौलर ले कर जेब में डाले और बड़बड़ाते हुए एक ओर चल दिया. निक कार में बैठा और इंजन स्टार्ट कर के गाड़ी आगे बढ़ा दी.
क्या पुलिस निक तक पहुंच जाएगी या वो अपने मनसूबे में कामयाब हो जायेगा? इन सभी सवालों के जवाब मिलेंगे इस बेस्ट फिक्शन क्राइम स्टोरी के अगले अंक में..